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Tuesday, March 17, 2026
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अमरनाथ यात्रा पर निकलने से पहले इन जरूरी बातों का रखें ध्यान, वरना रह सकते हैं बाबा बर्फानी के दर्शन अधूरे

अमरनाथ यात्रा के दौरान कई अहम बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है। इनका पालन न करने की स्थिति में यात्रा अधूरी भी रह सकती है। प्रशासन की ओर से यात्रा मार्गों पर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । इस वर्ष श्रद्धालुओं का इंतजार खत्म होने जा रहा है, क्योंकि पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई 2025 से होने जा रही है। यह यात्रा कुल 38 दिनों तक चलेगी, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के पवित्र दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। सरकार की ओर से यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर चिकित्सा, ठहरने और यातायात तक की योजनाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। हालांकि, यात्रा पर निकलने से पहले श्रद्धालुओं को कुछ जरूरी नियमों और हिदायतों का पालन करना बेहद आवश्यक है। इनका पालन न करने की स्थिति में यात्रा अधूरी भी रह सकती है। आइए जानते हैं वे जरूरी बातें जिनका ध्यान रखना हर श्रद्धालु के लिए अनिवार्य है :-

अमरनाथ यात्रा मार्ग पर व्यापक सुविधाएं

अमरनाथ यात्रा 2025 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से यात्रा मार्गों पर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर योजना बनाई गई है। 

यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य और राहत सेवाएं

कुल 26 ऑक्सीजन बूथ स्थापित किए गए हैं। जिसमें बालटाल मार्ग पर 16 बूथ और पहलगाम मार्ग पर 10 बूथ स्‍थापित किए गए हैं। इससे उच्च हिमालयी क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी से राहत मिलेगी। प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एम्बुलेंस सेवाएं यात्रा मार्ग पर उपलब्ध रहेंगी।

ठहरने की व्यवस्था

बालटाल और नुनवन में श्रद्धालुओं के लिए टेंट कॉलोनी बनाई गई है। लखनपुर से बनिहाल तक सभी जिलों में रात्रि विश्राम और ठहराव केंद्र विकसित किए गए हैं।

सुरक्षा और निगरानी

यात्रा के दौरान नो-फ्लाई जोन लागू रहेगा। मार्ग पर CCTV कैमरे और ड्रोन निगरानी से हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी। हर पड़ाव पर पुलिस सहायता केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर लगातार सक्रिय रहेंगे।

पंजीकरण और पहचान प्रणाली

ऑनलाइन पंजीकरण के अलावा, 1 जुलाई से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यात्रा के दौरान 60 आरएफआईडी केंद्र और सरस्वती धाम में टोकन वितरण केंद्र लगाए गए हैं, जिससे यात्रियों की पहचान और मूवमेंट पर निगरानी रखी जा सके।

भोजन, जल और अन्य मूलभूत सुविधाएं

52 लंगर केंद्रों में श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था होगी। एसी विश्राम हॉल, मोबाइल टॉयलेट, स्वच्छ पेयजल, और बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु इन बातों का जरूर रखें ध्यान

अमरनाथ यात्रा एक अत्यंत पवित्र और कठिन धार्मिक यात्रा है, जिसमें सुरक्षा, स्वास्थ्य और नियमों का पालन बहुत आवश्यक होता है। यदि आप अमरनाथ यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दी गई सावधानियों और निर्देशों का पालन अवश्य करें :-

पहचान और पंजीकरण से जुड़ी आवश्यक बातें

यात्रा के दौरान RFID कार्ड अनिवार्य है। इसके बिना यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। RFID कार्ड केवल बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही मिलेगा और इसे जम्मू या कश्मीर संभाग के अधिकृत केंद्रों से प्राप्त किया जा सकता है। RFID कार्ड के साथ वैध मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी अपने पास रखें।

परिधान और यात्रा सामग्री से जुड़ी सलाह

यात्रा में आरामदायक और मजबूत जूते, ऊनी कपड़े, रेनकोट या छाता अवश्य साथ रखें। वाटरप्रूफ बैग या प्लास्टिक की पॉलिथीन साथ रखें ताकि कपड़े और खाद्य सामग्री भीगने से बचाई जा सके। महिलाएं यात्रा के दौरान साड़ी पहनने से परहेज करें, क्योंकि इससे चढ़ाई में असुविधा हो सकती है।

शारीरिक तैयारी जरूरी

यात्रा पर जाने से पहले रोजाना कम से कम 5 किलोमीटर चलने की आदत डालें। गहरी सांस लेने का अभ्यास करें, और दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे।

इन यात्रियों के लिए अनुमति नहीं

70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, 13 वर्ष से कम आयु के बच्चे, 6 सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाएं को यात्रा में जाने की अनुमति नहीं है। इन यात्रियों को उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस यात्रा के लिए अनुमति नहीं दी जाती है। 

यात्रा के दौरान बरतें ये सावधानियां

शरीर में किसी प्रकार की बीमारी या असहजता महसूस होने पर तुरंत मेडिकल सहायता लें। यात्रा के समय शॉर्टकट या अनजान रास्तों का प्रयोग बिल्कुल न करें। केवल निर्धारित और चिह्नित मार्गों पर ही चलें। चेतावनी बोर्ड और संकेतों को नजरअंदाज न करें और ऐसे स्थानों पर रुकने से बचें।

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