नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने रिश्ते, राजनीति की शुरुआत और उन दिनों की यादें साझा कीं जब दोनों ने एक साथ राष्ट्रीय राजनीति का सफर शुरू किया था।
80 के दशक की वो अहमदाबाद वाली मुलाकात
अमित शाह ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी और नरेंद्र मोदी की पहली मुलाकात 1980 के दशक की शुरुआत में अहमदाबाद में हुई थी। उस समय नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत करने आए थे। अमित शाह ने बताया उस वक्त अहमदाबाद में संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का युवाओं से संवाद का कार्यक्रम था। उसकी तैयारी के लिए नरेंद्र मोदी वहां आए थे, जहां मैं रहता था। कार्यक्रम छोटा था, लेकिन मोदी जी ने जिस जोश और स्पष्टता के साथ अपने विचार रखे, उन्होंने सबका मन जीत लिया। शाह ने कहा कि यही वह मुलाकात थी जिसने दोनों के बीच विश्वास और साझा सोच की नींव रखी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सोच और काम के प्रति समर्पण ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। मोदी जी में देश के लिए कुछ बड़ा करने की आग थी। उनकी बातें केवल राजनीति तक सीमित नहीं थीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में थीं।
राजनीति की राह में साथ-साथ
उस दौर से लेकर आज तक दोनों नेता न सिर्फ राजनीति में एक-दूसरे के साथी रहे हैं, बल्कि देश की कई बड़ी रणनीतियों के मुख्य शिल्पकार भी बने। गुजरात की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय मंच तक, मोदी और शाह की जोड़ी ने भाजपा को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाया। अमित शाह ने बताया कि उनकी और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राष्ट्रहित की साझा सोच पर आधारित है। उन्होंने कहा, “हम दोनों का लक्ष्य हमेशा एक रहा भारत को मजबूत बनाना। हमने कभी पद या शक्ति की राजनीति नहीं की, बल्कि जनसेवा और संगठन की मजबूती पर ध्यान दिया। अमित शाह और नरेंद्र मोदी की यह जोड़ी भारतीय राजनीति में आज सबसे प्रभावशाली और रणनीतिक साझेदारी मानी जाती है। 1980 के दशक की अहमदाबाद की वह पहली मुलाकात आज देश के इतिहास में एक ऐसी शुरुआत के रूप में याद की जाती है, जिसने भारतीय राजनीति की दिशा ही बदल दी।




