नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हाल ही में नरेंदर…सरेंडर वाले बयान पर विवाद शुरु हो गया है। राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी लगातार पलटवार कर रही है। दोनों दलों में सियासी बवाल मचा हुआ है। लेकिन सरेंडर वाले बयान पर अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर की एंट्री हो गई है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शशि थरूर से एक पत्रकार ने पूछा कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की कथित मध्यस्थता की कोशिशों का मुद्दा लगातार उठ रहा है। इस महिला पत्रकार ने कहा कि ये एक ऐसा सवाल है जिस पर आपकी पार्टी लगातार सवाल उठा रही हे। आपके नेता राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया?
इस सवाल के जवाब में कहा कि हमारे मन में अमेरिका के राष्ट्रपति पद के प्रति गहरी आस्था है, हम अमेरिका के राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं, हम अपने बारे ये कह सकते हैं कि हमने विशेषकर किसी को मध्यस्थता करने के लिए कहा नहीं। हमें इस तनाव के बीच किसी तीसरे पक्ष की जरुरत नहीं पड़ी।
‘किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है’
ऑपरेशन सिंदूर पर अमेरिका गए भारतीय डेलिगेशन को लीड कर रहे शशि थरूर ने भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया टकराव के इस मुद्दे पर भारत का रूख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि “जब तक पाकिस्तान आतंकवाद की भाषा का इस्तेमाल करेगा, उसको हम उसी की भाषा में जवाब देना जानते हैं, हम हमारी ताकत की भाषा का इस्तेमाल करेंगे, और इसके लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है”
क्या था राहुल गांधी का बयान
बता दें कि, राहुल गांधी ने 3 जून को मध्य प्रदेश के भोपाल दौरे के दौरान बीजेपी पर तंज कसा था। उस दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि ‘मैं बीजेपी और RSS वालों को अच्छे से जान गया हूं। इनको थोड़ा सा दबाओ तो डर कर भाग जाते हैं।’
राहुल गांधी ने आगे कहा था कि “उधर से ट्रंप ने फोन किया और इशारा किया कि मोदी जी क्या कर रहे हो? नरेंदर, सरेंडर। और ‘जी हुजूर’ कर के मोदी जी ने ट्रंप के इशारे का पालन किया।” ट्रंप के आगे मोदी जी तुरंत सरेंडर हो गए।
बीजेपी ने कहा ये सेना का अपमान
राहुल गांधी के इस बयान के बाद विवाद शुरु हो गया है। बीजेपी ने कहा कि राहुल का यह बयान भारतीस सेना का पराक्रम और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को कमजोर करता है। यह भारतीय सेना का अपमान है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा भारतीय सेना के अप्रतिम शौर्य एवं पराक्रम को ‘सरेंडर’ कहकर संबोधित करना, न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि ,भारतीय सेना और राष्ट्र के साथ-साथ 140 करोड़ भारतवासियों का भी घोर अपमान है।




