back to top
26.1 C
New Delhi
Sunday, March 8, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

SC का नरम रुख, दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों के निर्माण की दी इजाजत, बिक्री पर फैसला 8 अक्टूबर को

दिल्ली-NCR में पटाखों पर पूर्ण पाबंदी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नरम रुख अपनाया है। कोर्ट ने ग्रीन पटाखों के उत्पादन की अनुमति दे दी है। हालांकि, बिक्री पर फिलहाल रोक बरकरार है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री और उत्पादन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपने रुख में थोड़ी नरमी दिखाई है। कोर्ट ने ग्रीन पटाखों के निर्माण की सशर्त अनुमति दी है। साथ ही, केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करके पटाखों की बिक्री को लेकर एक व्यवहारिक समाधान निकाले। कोर्ट इस मामले में अगला फैसला 8 अक्टूबर को ले सकता है, जिसमें ग्रीन पटाखों की बिक्री को लेकर अंतिम दिशा-निर्देश तय किए जा सकते हैं।

क्या है मामला? 

दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़े आदेश जारी किए थे, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने इस साल पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। यूपी और हरियाणा सरकारों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में इसी प्रकार की रोक लगाई है। हालांकि, फायरवर्क ट्रेडर्स एसोसिएशन, इंडिक कलेक्टिव और हरियाणा फायरवर्क मैन्युफैक्चरर्स जैसी संस्थाओं ने इस पाबंदी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनका तर्क है कि कई पटाखा कारोबारियों के पास 2027-28 तक वैध लाइसेंस हैं, जो पिछले आदेशों के कारण रद्द किए जा रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग की है कि उन्हें पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन पटाखों के उत्पादन और बिक्री की अनुमति दी जाए और जो भी नियम बनाए जाएं, वे उसका पालन करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- सिर्फ दिल्ली में पटाखों पर रोक क्यों ?

12 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसकी अध्यक्षता चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई कर रहे थे, ने यह सवाल उठाया कि केवल दिल्ली में पटाखों पर रोक क्यों लगाई गई है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि पूरे देश के लिए समान और ठोस नीति बननी चाहिए। साथ ही कोर्ट ने पटाखा कारोबारियों की याचिका पर प्रतिक्रिया के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

ग्रीन पटाखों के फॉर्मूले पर CAQM ने पेश की रिपोर्ट

26 सितंबर को हुई सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की। इस रिपोर्ट में बताया गया कि नेशनल इनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) ने कम प्रदूषण करने वाले ग्रीन पटाखों का फॉर्मूला तैयार किया है, जो कोर्ट के पुराने आदेशों के अनुरूप है। पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) ने इसी फॉर्मूले का पालन करने वाले उत्पादकों को लाइसेंस जारी किए हैं। पिछले साल इन लाइसेंसधारकों को क्यूआर कोड भी दिए गए थे। लेकिन रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कुछ क्यूआर कोड का दुरुपयोग हुआ और उन्हें गैर-लाइसेंसधारकों को बेचा गया।

क्‍या है पटाखा कारोबारियों का कहना ?

पटाखा व्यापारियों ने कोर्ट और सरकार की तरफ से लगाए गए सभी नियमों और शर्तों का पालन करने का भरोसा दिलाया है। उनका कहना है कि चाहे उत्पादन स्थल हो या बिक्री की दुकानें, सरकार कहीं भी अचानक जांच कर सकती है और जहां कमी मिले वहां कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन उनका मानना है कि पूरी तरह से पटाखों पर रोक लगाना गलत है। उन्होंने आग्रह किया है कि फिलहाल उन्हें उत्पादन जारी रखने दिया जाए, ताकि अगर बाद में बिक्री की अनुमति मिलती है, तो वे समय पर आपूर्ति कर सकें।

एमिकस और सरकार का क्‍या है पक्ष?

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी की भूमिका निभा रहीं वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा कि ग्रीन पटाखों की बिक्री को लेकर कोई ठोस निगरानी व्यवस्था नहीं है। उनका तर्क था कि अगर ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जाती है, तो उसके साथ-साथ परंपरागत और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री भी होने लगेगी, जिसे रोक पाना मुश्किल होगा। वहीं, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि वे पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं हैं। 

उत्पादन को सशर्त मंजूरी, बिक्री पर रोक बरकरार

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी. आर. गवई ने माना कि पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी साबित नहीं हुआ है। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे वहां वैध खनन पर रोक लगने से अवैध माफिया सक्रिय हो गए, वैसे ही पटाखों पर पूरी रोक से भी गलत रास्ते अपनाए जा रहे हैं। कोर्ट ने PESO से लाइसेंस प्राप्त पटाखा निर्माताओं को एनसीआर क्षेत्र में उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी है, लेकिन यह स्पष्ट किया कि फिलहाल बिक्री की इजाजत नहीं दी जाएगी। दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री सिर्फ कोर्ट की अनुमति के बाद ही संभव होगी। साथ ही, कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह सभी पक्षों से बातचीत कर ग्रीन पटाखों की बिक्री को लेकर व्यवहारिक समाधान निकाले और 8 अक्टूबर को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करे।

Advertisementspot_img

Also Read:

झुग्गी में रहने वालों के लिए खुशखबरी! अब मिलेंगे आधुनिक फ्लैट, अस्पताल से मार्केट तक मिलेंगी कई सुविधाएं

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। दिल्ली में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। Delhi Development Authority (डीडीए) और दिल्ली...
spot_img

Latest Stories

Travel Tips: ना जैकेट की टेंशन, ना पसीने की परेशानी-मार्च में इन 5 डेस्टिनेशन्स पर बनाएं प्लान

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मार्च यानी मौसम का वो परफेक्ट...

Vastu Tips: आज रंग पंचमी के दिन करें ये खास उपाय, चमक उठेगा भाग्य

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। रंग पंचमी को लेकर ऐसा...