नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । बेंगलुरु के एक्ट्रेस रान्या राव गोल्ड स्मगलिंग केस में नया खुलासा हुआ है। बासवाराज नाम के एक आरक्षक ने दावा किया है कि रान्या राव के IPS पिता ने उन्हें निर्देश दिए थे कि वो बेंगलुरु एयरपोर्ट पर रान्या को प्रोटोकॉल असिस्टेंस मुहैया कराएं। बता दें कि रान्या के पिता राम चंद्र राव डीजीपी रैंक के अधिकारी हैं। आरक्षक ने कहा कि उन्हें सोने की तस्करी को लेकर कोई जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने कई बार एयरपोर्ट पर रान्या को प्रोटोकॉल असिस्टेंस दिया है। वहीं, इस मामले में बेंगलुरु में स्टार होटल के मालिक तरुण राज को तस्करी के सोने की खरीदारी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
कौन हैं रामचंद्र राव?
द न्यूज़ मिनट के मुताबिक, रामचंद्र राव 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं। साल 2023 में वह DGP रैंक पर प्रमोट हुए थे। साल 2014 में रामचंद्र राव दक्षिण रेंज के IG थे, तब उन पर सीज़ किए गए कैश में हेरफेर के आरोप लगे थे। रामचंद्र राव रान्या के सौतेले पिता हैं। इससे पहले रामचंद्र राव ने कहा था कि उनका रान्या ने जो कुछ भी किया है उससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा था कि चार महीने पहले रान्या की शादी हो गई थी, उसके बाद वो परिवार के साथ संपर्क में नहीं थीं। रामचंद्र राव ने कहा था कि जांच में सब सामने आ जाएगा।
रान्या राव पर लगा सोना तस्करी का आरोप
दरअसल, ये मामला 3 मार्च को तब सामने आया जब एक्ट्रेस रान्या राव दुबई से बेंगलुरु लौटीं। सूचना मिलते ही आयकर विभाग की जांच टीम ने एयरपोर्ट पर उनकी तलाशी ली और उनके पास से भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया। रान्या वीआईपी प्रोटोकॉल का फायदा उठाकर इस तरह के काम में लिप्त पाई गई। जांच के दौरान रान्या ने बड़ा खुलासा किया। उन्होने बताया कि, उनको एक संगठित गिरोह से निर्देश मिलते थे, जो उनकी यात्रा योजनाओं की जानकारी देता था और तस्करी को अंजाम देने में मदद करता था।
15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा
जांच आगे बढ़ी तो रान्या ने कई खुलासे किए। उन्होने अधिकारियों को बताया कि वो स्पेशल तरीके से डिजाइन किए गए कपड़ों का इस्तेमाल कर सोने छुपाकर लाती थीं। साथ ही, वो खुद को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की बेटी बताकर सुरक्षा जांच से बचती थीं। एयरपोर्ट से निकलने के बाद, वो ये सोना बाहर इंतजार कर रहे किसी व्यक्ति को सौंप देती थीं। गिरफ्तारी के बाद रान्या को तीन दिनों तक हिरासत में रखा गया, जहां उनसे कड़ी पूछताछ की गई। अदालत में पेशी के दौरान रान्या से जज ने सवाल-जवाब किए। इसके बाद अदालत ने रान्या को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
होटल मालिक तरुण राज की गिरफ्तारी से उलझा मामला
अधिकारियों ने जांच आगे बढ़ाई तो रान्या ने कई बड़े खुलासे किए। जांच अधिकारियों ने रान्या का मोबाइल फोन खंगाला, जिसमें कई रसूखदार लोगों के नंबर मिले। इन संपर्कों में राजनेता, पुलिस अधिकारी और व्यवसायी शामिल थे। इन्हीं में से एक नाम उभरकर आया स्टार होटल के मालिक तरुण राज का, जिनसे रान्या की लगातार बातचीत होती थी। जांच में खुलासा हुआ कि तरुण राज कई बार रान्या से तस्करी का सोना खरीद चुके थे।
मामले की जांच जारी
फिलहाल मामले की जांच जारी है, लेकिन ये मामला अभी और गहराने की संभावना है, क्योंकि अधिकारियों को शक है कि सोने की तस्करी में और भी रसूखदार लोग शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियां अब ये पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं। रान्या राव की जमानत याचिका पर फैसला आज आने की संभावना है, जिससे ये तय होगा कि इस हाई-प्रोफाइल केस की अगली कड़ी क्या होगी।




