नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। इस बार उन्होंने मोदी सरकार की चर्चित योजना “मेक इन इंडिया” को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ एक नारा बनकर रह गई है, जिससे ना तो रोजगार बढ़ा और ना ही मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिला।
वीडियो के ज़रिए उठाए सवाल
आज राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो पोस्ट किया और पूछा: मेक इन इंडिया ने वादा किया था फैक्ट्री बूम का, तो फिर मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड स्तर पर क्यों है? बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है? और चीन से आयात क्यों दोगुना हो गया है? राहुल ने कहा कि मोदी जी को “नारे देने की कला” तो आती है, लेकिन समाधान देना नहीं आता। राहुल गांधी ने नई दिल्ली के नेहरू प्लेस में दो युवाओं, शिवम और सैफ, से मुलाकात का ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि ये दोनों मेहनती और कुशल हैं, लेकिन उन्हें अपने सपनों को पूरा करने का अवसर नहीं मिल पा रहा। हम बाहर से सामान मंगवाते हैं, बस असेंबल करते हैं। असली निर्माण नहीं होता। इसका फायदा चीन को हो रहा है, हमारे युवा पीछे छूट रहे हैं।
‘गिरा विनिर्माण क्षेत्र, बढ़ी बेरोजगारी’
राहुल गांधी का कहना है कि 2014 में “मेक इन इंडिया” बड़े वादों के साथ शुरू हुई थी। अब देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता घटकर 14% रह गई है। चीन से आयात दोगुना हो गया है। युवाओं की बेरोजगारी अब रिकॉर्ड स्तर पर है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार की प्रचारित PLI (Production Linked Incentive) योजना भी अब धीरे-धीरे बंद की जा रही है। “मोदी सरकार अब भारतीय उद्योगों को आगे बढ़ाने की उम्मीद छोड़ चुकी है।
“अगर हम नहीं बनाएंगे, तो बस खरीदते रहेंगे”
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि अगर भारत अब भी अपनी निर्माण क्षमता नहीं बढ़ाता, तो वह सिर्फ दूसरों का बाजार बनकर रह जाएगा। “हमें केवल उपभोक्ता नहीं, निर्माता बनना होगा। देश को अब ईमानदार सुधार और असली आर्थिक समर्थन की ज़रूरत है। राहुल गांधी ने “मेक इन इंडिया” को एक नाकाम अभियान बताया और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि इतने सालों में वास्तव में क्या बदला है, और क्या सिर्फ प्रचार ही उपलब्धि है?




