नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पाकिस्तान के आतंकवादी चेहरे को बेनकाब करने के लिए सरकार सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को कई देशों के दौरे पर भेजने वाली है तो वहीं, कांग्रेस पार्टी पाकिस्तान से तनाव और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मोदी सरकार से कुछ सवाल कर रही है। कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश की विदेश नीति, कूटनीति को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर और मोदी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं।
ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान के बीच 10 मई को हुई सीजफायर को लेकर भी कांग्रेस सवाल उठा रही है। ऑपरेशन सिंदूर और भारत की एयर स्ट्राइक को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर से राहुल गांधी ने सवाल किया। उन्होने कहा कि, पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर अटैक करने से पहले उन्होंने पाक को सूचित कर दिया था। ये कूटनीति नहीं, मुखबिरी है। वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि कुछ जासूस गिरफ्तार किए गए हैं, लेकिन फिर लीपापोती शुरू हो।
राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से सवाल दागते हुए पूछा कि, ”पाकिस्तान को हमले की सूचना देने की वजह से कितने भारतीय एयरक्राफ्ट नष्ट हुए हैं? ये एक क्राइम है और देश को सच्चाई पता चलनी चाहिए।” विदेश मंत्री के एक बयान को लेकर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी पाकिस्तान को पहले क्यों दी गई। हालाँकि, विदेश मंत्रालय ने इस पर बयान जारी कर राहुल गांधी के द्वारा गलत तथ्य पेश करना बताया था।
पवन खेड़ा ने भी केंद्र सरकार को घेरा
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी केंद्र सरकार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर घेरा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि ”कुछ जासूस अरेस्ट किए गए हैं और फिर लीपापोती शुरू हो जाती है। ये क्या मुखबिरी हो रही है। पवन खेड़ा ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि मोदी जी जब गुजरात में सीएम थे तो कहते थे कि समस्या बॉर्डर पर नहीं है, समस्या दिल्ली में है। यही हम उनसे पूछना चाहते है कि समस्या दिल्ली में है।”
‘नहीं तो पहलगाम जैसी होंगी घटनाएं होती…’
पवन खेड़ा ने आगे पहलगाम और पुलवामा आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा, देश के विदेश मंत्री के बयान के चर्चे पाकिस्तान में चल रहे है। हमारे देश का मजाक उड़ाया जा रहा है। पूरे विश्व में हमारी किरकिरी हो रही है। राहुल गांधी इसीलिए ये सवाल पूछ रहे हैं। आपको लगाता है कि संवेदनशील मसलों पर विपक्ष चुप रहेगा, लेकिन हम सवाल जरूर पूछेंगे। नहीं तो पुलवामा और पहलगाम जैसे घटनाएं होती रहेगी।





