नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है। इस हमले में 26 लोगो की मौत हो गई थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब दौरा रद्द कर दिल्ली लौटते ही सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक बुलाई। बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ पांच बड़े फैसले लिए गए हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ मोदी सरकार के 5 बड़े फैसले
सिंधु जल संधि पर रोक
भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को रोकने का फैसला लिया है। इस समझौते के तहत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का 80% पानी मिलता था। इसे रोकना पाकिस्तान की कृषि और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डालेगा। विशेषज्ञों ने इसे “पानी की सर्जिकल स्ट्राइक” कहा है।
अटारी चेक पोस्ट किया बंद
भारत ने अटारी-वाघा बॉर्डर से होने वाले सीमित व्यापार को बंद करने का निर्णय लिया है। इससे पाकिस्तान को भारत से होने वाला अनाज, कपड़ा और अन्य व्यापारिक लाभ रुक जाएगा। इसकी सीधी चोट पाकिस्तान की कमजोर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगी।
पाक नागरिकों का वीजा रद्द – 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश
भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। उन्हें 1 मई से पहले भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। SVES (SAARC वीज़ा छूट योजना) के तहत मिले सभी वीजा अब निरस्त माने जाएंगे। 48 घंटे में देश छोड़ने का अल्टीमेटम पाकिस्तान को भारत की “जीरो टॉलरेंस” नीति का सीधा संदेश है।
पाक उच्चायोग से रक्षा सलाहकार बाहर
नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात सेना, नौसेना और वायुसेना के सभी सलाहकारों को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया गया है। इन्हें एक हफ्ते के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया गया है। भारत भी इस्लामाबाद में मौजूद अपने सैन्य सलाहकारों को वापस बुलाएगा।
उच्चायोग स्टाफ की संख्या घटेगी
दोनों देशों के उच्चायोग में स्टाफ की संख्या घटाकर 30 कर दी जाएगी, जो पहले 55 थी। यह प्रक्रिया 1 मई तक पूरी की जाएगी। यह कदम भारत-पाकिस्तान के कूटनीतिक रिश्तों को न्यूनतम स्तर पर लाने का संकेत है।
सरकार का सख्त संदेश, आतंकवाद नहीं सहेंगे
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई CCS बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी कि भारत अब आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। हमले की कड़ी निंदा करते हुए सरकार ने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इन फैसलों से पाकिस्तान पर दोहरा दबाव पड़ेगा आर्थिक और कूटनीतिक। पानी रोकने से उसकी खेती पर असर पड़ेगा, व्यापार बंद होने से अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है, और वीजा तथा उच्चायोग से जुड़ी कार्रवाई से वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अलग-थलग पड़ जाएगा।





