नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। लोकसभा में मंगलवार को अखिलेश यादव ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का जिस तरह से ढिंढोरा पीटा गया, वह सरकार की सबसे बड़ी नाकामी को छिपाने की कोशिश है। अखिलेश ने कहा, “अगर हम यहां बैठकर ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कर रहे हैं, तो यह सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। देश की सार्वभौमिकता को चोट पहुंची है और सरकार सिर्फ प्रचार में लगी है।
नींबू-मिर्च वाले एयरक्राफ्ट कितने उड़े?
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “सरकार यह बताएं कि जिस एयरक्राफ्ट को नींबू और मिर्च लगाकर पूजा गया था, वह कितनी बार उड़ा?” उन्होंने कहा कि हमें अपने एयरफोर्स और पायलट्स पर गर्व है, लेकिन राजनीति के लिए धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल करना चिंता की बात है।
सीजफायर किस दबाव में हुआ?
अखिलेश ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अचानक सीजफायर के ऐलान पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब ऑपरेशन चल रहा था, तब कुछ चैनल कराची तक पहुंचने की बात कर रहे थे, लेकिन अचानक सीजफायर की घोषणा क्यों की गई? क्या सरकार ने किसी दबाव में यह फैसला लिया? सपा प्रमुख ने कहा, “अगर हमें पाकिस्तान से खतरा है तो चीन एक राक्षस है, जो हमारी जमीन ही नहीं, हमारा बाजार भी छीन रहा है। उन्होंने सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि चीन हमारे सीमांत इलाकों में लगातार अतिक्रमण कर रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा।
‘पुलवामा के बाद भी खुफिया तंत्र नाकाम’
अखिलेश यादव ने सुरक्षा चूक को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पूछा कि पुलवामा हमले में जिस गाड़ी में RDX था, उसका सैटेलाइट फुटेज कहां है? उन्होंने दोहराया कि सरकार सुरक्षा चूकों की जिम्मेदारी से भाग नहीं सकती। अखिलेश ने कहा कि देश की सीमाएं सुरक्षित रखने के लिए रक्षा बजट को जीडीपी का कम से कम 3% होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुल बन रहे हैं, लेकिन क्या वे चीन के मुकाबले मजबूत हैं? उन्होंने विदेश मंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि “सिर्फ कह देने से इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छा नहीं हो जाता, जमीनी हकीकत दिखनी चाहिए। अंत में अखिलेश ने सरकार से सवाल किया कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक नीतियों में सुधार लाना होगा, वरना देश को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।




