नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तिरुपति मंदिर में प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले तिरुपति लड्डू को लेकर पूरे देश में नाराजगी है। वहीं देश में इसको लेकर बढ़ते विवाद के बीच आंध्र प्रदेश के पूर्वमुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू सरकार पर निशाना साधा है और अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। बता दें कि आंध्र प्रदेश के वर्तमान सीएम चंद्रबाबू नायडू ने 18 सितंबर 2024 को दावा किया था कि उनसे पहले की सरकार में तिरुपति मंदिर में प्रसाद के रूप में दिए जाने वाले लड्डू में प्रयोग किए जाने वाले घी में पशु की चर्बी का प्रयोग किया जा रहा था। चंद्रबाबू नायडू के इन आरोपों को लेकर पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने उनपर निशाना साधते हुए कहा है कि ये लोग भगवान के नाम पर राजनीति कर रहे हैं।
कथित लैब रिपोर्ट चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल की है: जगन रेड्डी
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा है कि TDP के द्वारा साझा की गई कथित लैब रिपोर्ट चंद्रबाबू नायडू के कार्यकाल की है, जो की जुलाई महीने की रिपोर्ट है। जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि उन्हें जैसे ही पता चला कि घी की गुणवत्ता में खराबी है तो हमने उस वक्त तुरंत इसकी जानकारी मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को दी थी। उस समय खराब घी की गुणवत्ता की सप्लाई के लिए AR डेयरी जिम्मेदार थी।
TTD ही घी के सैंपल को एकत्रित करता है: जगन मोहन रेड्डी
पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा कि घी सप्लाई के लिए टेंडर की प्रक्रिया हर 6 महीने में होती है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के मानदंड दशकों से बदले नहीं हैं। जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि सप्लायर को एनएबीएल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराना चाहिए। TTD ही घी के सैंपल को एकत्रित करता है। इसलिए उसको सिर्फ सर्टिफिकेशन पास करने वाले प्रोडक्ट को ही प्रयोग करने की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि टीडीपी को धार्मिक मामलों का इस तरह से राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने अपनी सरकार में 18 बार प्रोडक्ट को खारिज कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने TDP के सभी आरोपों का खंडन किया है।





