नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पंजाब की राजधानी अमृतसर में शुक्रवार और शनिवार की दरमयानी रात को एक विस्फोट से पूरा इलाका सहम गया। दरअसल, ठाकुरद्वारा मंदिर के बाहर बाइक सवार हमलावरों ने मंदिर पर ग्रेनेड से हमला किया। अंदर सो रहे मंदिर के पुजारी की जान जैसे तैसे बच गई लेकिन पूरे इलाके में दहशत का माहौल छा गया। आस पास लगे CCTV की जांच की गई तो पुलिस ने पाया कि हमलावरों के एक हाथ में झंडा था तो दूसरे हाथ में ग्रेनेड। ताजा जानकारी के अनुसार आरोपी गुरसदिक का पुलिस से साथ एनकाउंटर हुआ जिसमें वह मारा गया।
घूम रहे थे आरोपी
पुलिस को जानकारी मिली की जिस बाइक का इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया था वह बाइक राजासांसी इलाके में देखी गई है। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीम को वहां भेजा। जब एसएचओ छेहरटा ने आरोपी की मोटरसाइकिल को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल छोड़ दी और पुलिस की टीम पर गोली चलाई। इस फायरिंग में एक गोली कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह से बाएं हाथ पर लगी। दूसरी गोली इंस्पेक्टर अमलोक सिंह की पगड़ी पर लगी। इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने जवाबी कार्यवाई के लिए फायरिंग की और गोली आरोपी गुरसदिक को जाकर लगी। अस्पताल के दौरान उसकी मौत हो गई।
बिहार से तीन आरोपियों को पकड़ा
रात करीब 12:30 बजे इस वारदात को अंजाम दिया गया। इसके बाद पुलिस ने बिहार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी भारत से दूर भागने की फिराक में थे। इनकी नेपाल भागने की योजना थी। हमलावरों को ग्रेनेड और गैरकानूनी हथियारों की सप्लाई इन्होंने ही की थी। उल्लेखनीय है कि अमृतसर ठाकुरद्वारा स्थित मंदिर पर शुक्रवार देर रात 2 मोटरसाइकिल सवार युवकों ने ग्रेनेड से हमला कर दिया। वह घटना CCTV में कैद हो गई।





