नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । देशभर में कोरोना वायरस के नए संक्रमित मामले हर रोज बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार कोविड-19 को लेकर सख्त है। सरकार एडवाइजरी जारी कर लोगों से खास अपील कर वायरस से बचने की सलाह दे रही है। और कोरोना वायरस से निपटने के लिए जरुरी चीजें और साधनों की समीक्षा कर पूर्व तैयारियां कर ली। इसी बीच, सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया गया है। पीएम मोदी से मुलाकात करने से पहले मंत्रियों के लिए भी RT-PCR (कोविड टेस्ट) अनिवार्य कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, ये फैसला सावधानी और सुरक्षा के तहत लिया गया है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण से बचा जा सके। दरअसल, कल शाम पीएम मोदी से उनके आधिकारिक आवास पर विदेश से लौटे डेलिगेशन ने मिले थे, लिहाजा डेलिगेशन के सदस्यों के लिए भी कोविड-19 टेस्ट अनिवार्य किया गया था। ये कदम सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उठाया गया था।
मिली जानकारी के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में बीजेपी के सभी विधायक, सांसद और प्रमुख पदाधिकारी आज पीएम मोदी से एक महत्वपूर्ण बैठक में मुलाकात कर सकते हैं। ऐसे में इस बैठक में शामिल होने वाले सभी लोगों को कोविड-19 का टेस्ट कराने का निर्देश दिया है। पीएम के साथ बैठक से पहले सभी को कोरोना की रिपोर्ट पेश करनी है।
लगातार बढ़ रहे कोविड केस
बता दें कि, देशभर में कोविड के नए सक्रमित मामने बढ़ते जा रहे है। रिपोर्ट के अनुसार, एक्टिव केसों की कुल संख्या 7121 पहुंच गई है। वही, राजधानी दिल्ली में थोड़ी राहत मिली है। सोमवार को कोविड के 728 केस थे, जो मंगलवार को घटकर 691 हो गए। जबकि केरल में सबसे ज्यादा 2053 सक्रिय मामले है। बीते 24 घंटे में 96 नए मरीज मिले हैं।
कोविड अब इमरजेंसी नहीं, लेकिन बचाव जरूरी
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब SARS-CoV-2 (कोविड वायरस) पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इसकी प्रकृति अब वैसी अचानक वाली महामारी जैसी नहीं रही है। यह फ्लू जैसे सीजनल संक्रमण का रूप ले चुका है, जिसका समय-समय पर उभार देखने को मिल सकता है। ऐसे में हमें इससे बचाव करना जरुरी हो जाता है। यह कोई इमरजेंसी जैसा नहीं है, लेकिन फिर भी हम सतर्क और सचेत रहना होगा।





