नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के इटावा में कथावाचकों के साथ बदसलूकी के मामले पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने इस घटना पर बीजेपी सरकार पर तीखा तंज कसा और कहा,”अगर डोनाल्ड ट्रंप को यह बात पता चल जाए तो शायद वे डांट दें!
“बीजेपी सत्ता में आते ही संविधान को भूल जाती है”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी जब तक सत्ता में नहीं आती, तब तक संविधान और लोकतंत्र की बातें करती है। लेकिन सत्ता मिलते ही वह बाबा साहेब अंबेडकर के रास्ते से भटक जाती है। उन्होंने कहा – “सत्ता में आकर ये लोग न तो संविधान को मानते हैं, न ही समाजवाद या सेक्युलरिज्म को।
तेज प्रताप यादव से कॉल को लेकर भी बोले अखिलेश
अखिलेश यादव ने बताया कि तेज प्रताप यादव ने उन्हें दो बार कॉल किया था। उन्होंने कहा –
“मुझे लगा कि कोई इमरजेंसी है, इसलिए कॉल रिसीव किया। लेकिन वह वीडियो कॉल निकला, जिसमें तेज प्रताप ने सिर्फ चुनाव को लेकर बातचीत की। मुझे नहीं पता था कि इतनी बड़ी बात बन जाएगी।
PDA बनाम NDA की राजनीति
अखिलेश ने कहा कि समाज में आज “मैं बनाम हम” की लड़ाई है। उन्होंने कहा –”PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की राजनीति पॉजिटिव सोच पर आधारित है। “NDA निगेटिव सोच वाले लोगों का समूह है, जो संविधान, आरक्षण और समाजिक न्याय का विरोध करते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि सोशलिस्ट और सेक्युलर विचारधारा को अपनाने के लिए ‘बड़ा दिल’ चाहिए, जो बीजेपी नेताओं के पास नहीं है। अखिलेश यादव ने छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर संविधान स्तंभ दिवस मनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आज के दिन हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने संविधान की रक्षा करेंगे और महापुरुषों के दिखाए रास्ते पर चलेंगे। अखिलेश यादव के इन बयानों से साफ है कि इटावा केस के बहाने वे बीजेपी की नीतियों पर निशाना साध रहे हैं और अपनी पॉजिटिव पॉलिटिक्स PDA को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।





