नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स के ऐलान के बाद सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को नसीहत दी है कि जीएसटी सुधार व्यावहारिक और सकारात्मक सोच के साथ किए जाएं, ताकि व्यापारियों और आम लोगों पर बोझ न बढ़े।
अखिलेश यादव की सरकार को नसीहत
सपा अध्यक्ष ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, जीएसटी का सबसे बड़ा सुधार यह होगा कि सरकार प्रैक्टिकल और पॉजिटिव एप्रोच रखे, व्यापारियों का शोषण न करे और कागज़ी कार्रवाई का डर न दिखाए। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि राज्यों के साथ ‘राजस्व न्याय’ होना चाहिए। यानी जो राज्य जितना योगदान देता है, उसी अनुपात में या उसकी ज़रूरतों के हिसाब से उसे विकास के लिए हिस्सा भी मिलना चाहिए।
PM मोदी ने दिया दिवाली पर दोहरे तोहफे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल दिवाली पर जनता को जीएसटी सुधार के रूप में बड़ी राहत मिलेगी। रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स दरें कम की जाएंगी। जीएसटी प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा। लोगों और व्यापारियों को कागजी झंझट से छुटकारा मिलेगा। पीएम मोदी ने कहा कि यह नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स होंगे, जिनसे आम जनता और व्यापार दोनों को फायदा होगा।
विपक्ष का सवाल: दिवाली तक इंतज़ार क्यों?
सरकार के ऐलान पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि अगर सरकार को सच में लोगों को राहत देनी है तो इसके लिए दिवाली तक इंतज़ार क्यों कराया जा रहा है? विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार इस ऐलान का फायदा आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में उठाना चाहती है। एक तरफ पीएम मोदी दिवाली पर जनता को टैक्स में राहत देने का वादा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव और विपक्षी दल सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि दिवाली पर आने वाला जीएसटी रिफॉर्म वाकई कितना असरदार साबित होता है।




