नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के दो दिवसीय दौरे के बाद अब ऑस्ट्रिया के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रिया के दौरे पर जाने वाले तीसरे पीएम बन गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू ऑस्ट्रिया का दौरा कर चुके हैं। भारतीय प्रधानमंत्री का ऑस्ट्रिया का यह दौरा पूरे 41 साल बाद हुआ है। ऐसे में सभी जानना चाहते हैं भारत इतने छोटे देश से क्यों मिलना चाहता है? इस दौरे का दोनों देशों को क्या लाभ होगा? दोनों देशो के बीच किस तरह के रिश्ते हैं?
भारत के दो राष्ट्रपति भी ऑस्ट्रिया का दौरा कर चुके हैं
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच पहले से ही राजनयिक संबंध काफी अच्छे रहे हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वर्ष 1983 में ऑस्ट्रिया का दौरा किया था। यह उनका ऑस्ट्रिया का दूसरा दौरा था। इससे पहले इंदिरा गांधी ने वर्ष 1971 में ऑस्ट्रिया का दौरा किया था। इंदिरा गांधी से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर नेहरू ने वर्ष 1955 में ऑस्ट्रिया का दौरा किया। भारत के प्रधानमंत्रियों के अलावा भारत के दो राष्ट्रपति भी ऑस्ट्रिया का दौरा कर चुके हैं। इनमे तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने वर्ष 1999 में ऑस्ट्रिया का दौरा किया था। वहीं तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने वर्ष 2011 में ऑस्ट्रिया का दौरा किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रिया दौरे से यह व्यापार और बढ़ सकता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस दौरे से भारत और ऑस्ट्रिया के बीच रिश्ते तो मजबूत होंगे ही, इसके साथ दोनों देशों को पहले से आपस में चल रहे व्यापार में और ज्यादा बढ़ोतरी होने की पूरी संभावना है। जानकारी के अनुसार भारत और ऑस्ट्रिया के बीच व्यापार(ट्रेड) ढ़ाई बिलियन अमेरिकी डॉलर के करीब है। अगर वर्ष 2021 की बात करें तो भारत ने 1.29 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात किया था। वहीं भारत ने ऑस्ट्रिया से वर्ष 2021 में 1.18 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आयात किया था। अगर आयत और निर्यात द्वारा किये गए व्यापार को देखा जाए तो यह 2.47 बिलियन अमेरिकी डॉलर के करीब था। जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रिया के साथ भारत का व्यापार वर्ष 2023 में 2.93 बिलियन डॉलर के करीब था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रिया दौरे से यह व्यापार और बढ़ सकता है। अन्य खबरों के लिए क्लिक करें:- www.raftaar.in





