नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ एक लंबी बातचीत में भारत-पाकिस्तान संबंधों पर खुलकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के कई प्रयास किए, लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं मिले।
भारत-पाकिस्तान के जटिल संबंधों पर चर्चा
लेक्स फ्रिडमैन ने बातचीत के दौरान भारत और पाकिस्तान के जटिल संबंधों पर चर्चा की और इसे दुनिया के सबसे खतरनाक टकरावों में से एक बताया। उन्होंने पीएम मोदी से पूछा कि वह दोनों देशों के बीच दोस्ती और शांति के लिए क्या रास्ता देखते हैं। इसके जवाब में पीएम मोदी ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1947 से पहले भारत और पाकिस्तान के लोग कंधे से कंधा मिलाकर स्वतंत्रता संग्राम लड़ रहे थे। लेकिन विभाजन के बाद हालात बदल गए और दोनों देशों के बीच कटुता बढ़ गई। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत के साथ अब “प्रॉक्सी वॉर” चल रहा है। यह केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है। उन्होंने 9/11 हमले का जिक्र करते हुए बताया कि उसके मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में शरण मिली थी। यह दर्शाता है कि पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र बन चुका है।
शांति के प्रयासों पर बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने पाकिस्तान के साथ शांति के लिए किए गए अपने प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान को विशेष रूप से आमंत्रित किया था, ताकि दोनों देशों के बीच नए सिरे से संबंधों की शुरुआत हो सके। इसके बाद वह खुद लाहौर भी गए, लेकिन इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को राज्य समर्थित आतंकवाद के रास्ते को छोड़ना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पाकिस्तान में आम जनता भी इस हिंसा और आतंकवाद से दुखी हो चुकी है। उन्होंने आशा जताई कि पाकिस्तान को सद्बुद्धि मिलेगी और वह शांति के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। बातचीत के दौरान भारत-पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर भी सवाल पूछा गया। जब उनसे पूछा गया कि दोनों में से किसकी क्रिकेट टीम बेहतर है, तो पीएम मोदी ने कहा कि खेल का मकसद लोगों को जोड़ना होता है, न कि इसे विवादों में घसीटना। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में दोनों देशों के बीच मुकाबला हुआ था, जिसमें भारत को जीत मिली थी। पीएम मोदी ने पाकिस्तान के साथ शांति स्थापित करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन उन्हें नकारात्मक परिणाम ही मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता, तब तक शांति संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि खेल को राजनीति से दूर रखना चाहिए और इसे लोगों को जोड़ने का माध्यम बनाना चाहिए।




