नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। हिंदी सिनेमा के चॉकलेटी हीरो, रोमांस के बेताज बादशाह और हर दिल अज़ीज़ अभिनेता ऋषि कपूर आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी मुस्कान और फिल्में आज भी ज़िंदा हैं। आज, 4 सितंबर, उनके जन्मदिन के मौके पर जानते हैं, कैसे एक स्टार ने बाल कलाकार से लेकर बॉलीवुड के सबसे चहेते अभिनेता बनने तक का सफर तय किया।
तीन साल की उम्र में किया था डेब्यू
बहुत कम लोगों को पता होगा कि ऋषि कपूर ने महज़ तीन साल की उम्र में ही फिल्मों में कदम रख दिया था। साल 1955 की सुपरहिट फिल्म ‘श्री 420’ में एक मासूम बच्चे के किरदार में ऋषि नज़र आए थे। ये फिल्म उनके पिता राज कपूर की थी। इसके बाद 1970 में राज कपूर की ही फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ में ऋषि ने किशोर कलाकार की भूमिका निभाई, जिसने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया।
‘बॉबी’ से बने रातों-रात सुपरस्टार
1973 में आई फिल्म ‘बॉबी’ ने ऋषि कपूर को वो मुकाम दिलाया, जिसका सपना हर नवोदित अभिनेता देखता है। इस फिल्म में उनके साथ डिंपल कपाड़िया थीं। रोमांस से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया। दिलचस्प बात यह है कि ‘बॉबी’ इसलिए बनी थी क्योंकि ‘मेरा नाम जोकर’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी और राज कपूर को उस नुकसान की भरपाई करनी थी। एक इंटरव्यू में ऋषि कपूर ने कहा था पापा इस फिल्म में राजेश खन्ना को लेना चाहते थे, पर बजट की तंगी ने मुझे मौका दे दिया।
‘अमर अकबर एंथनी’ से लेकर ‘कर्ज’ तक, हिट पर हिट
ऋषि कपूर ने 70 और 80 के दशक में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं, अमर अकबर एंथनी (1977) में अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना के साथ फिर कर्ज (1980) में टीना मुनीम के साथ जो आज भी अपने संगीत के लिए याद की जाती है। प्रेम रोग, सागर, चांदनी जो आज भी रोमांटिक फिल्मों की मिसाल मानी जाती हैं।
नीतू के साथ रील से रियल तक का सफर
ऋषि कपूर और नीतू सिंह की जोड़ी सिल्वर स्क्रीन की सबसे प्यारी जोड़ियों में से रही। पहली बार दोनों ‘जहरीला इंसान’ में साथ नज़र आए थे। फिर ‘कभी कभी’, ‘दूसरा आदमी’, ‘अमर अकबर एंथनी’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया। 1980 में दोनों ने शादी कर ली और यह रिश्ता आख़िरी सांस तक बना रहा।
राज कपूर के घर जन्मा एक और सितारा
ऋषि कपूर का जन्म 4 सितंबर 1952 को राज कपूर बंगला, माटुंगा, मुंबई में हुआ था। वे महान फिल्मकार राज कपूर और कृष्णा मल्होत्रा के बेटे थे। उनका बेटा रणबीर कपूर आज भी बॉलीवुड का बड़ा नाम है।
इन फिल्मों से भी बनाया खास रिश्ता दर्शकों से
नसीब
कातिलों के कातिल
कुली
दोस्ती दुश्मनी
घराना
घर घर की कहानी
हर फिल्म में ऋषि कपूर ने साबित किया कि वे हर शैली के अभिनेता थे।चाहे वह रोमांस हो, कॉमेडी हो या इमोशनल ड्रामा।
हमेशा रहेंगे दिलों में
30 अप्रैल 2020 को ऋषि कपूर ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी फिल्में और यादें हमारे साथ हमेशा रहेंगी। आज उनकी जयंती पर पूरा देश उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।ऋषि कपूर ना सिर्फ एक अभिनेता थे, बल्कि एक भावना थे, जो हर सिनेप्रेमी के दिल में बसते हैं।





