नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । गूगल क्रोम चला रहे यूजर्स पर खतरा मंडराने लगा है। भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत आने वाली कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने Google Chrome का चलाने वालों के लिए एक गंभीर सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की है।
भारत सरकार की ओर से यह चेतावनी विंडोज़, MacOS और Linux पर पुराने Chrome वर्ज़न इस्तेमाल करने वालों को विशेष तौर पर दी गई है। क्योंकि इन वर्ज़न में मौजूद खामियों का हैकर्स गलत फायदा उठा सकते हैं। इसमें कई यूजर्स का डेटा चोरी होने का डर है।
क्या है खतरा?
CERT-In ने बताया कि Windows और Mac पर Chrome के वर्ज़न 136.0.7103.113/.114 और Linux पर 136.0.7103.113 से पुराने वर्ज़नों में कई सुरक्षा संबंधी खामियां हैं। इन कमज़ोरियों की वजहें हैं- Mojo कंपोनेंट का गलत तरीके से हैंडल होना। इन खामियों की वजह से Chrome यूज़र्स, चाहे वे आम व्यक्ति हों या कोई संस्था, सभी को खतरा हैं।
कितना गंभीर है ये खतरा?
CERT-In ने अपने बयान में कहा है कि, इस कमज़ोरियां के कारण हैकर्स किसी भी सिस्टम को दूर से अपने कंट्रोल में करने का मौका तलाश रहा है। इससे कई गंभीर नुक़सान हो सकते हैं: जैसे-
- व्यक्तिगत या संवेदनशील जानकारी का लीक होना
- व्यवस्था की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर खतरा
- मालवेयर या स्पाइवेयर की सिस्टम में घुसपैठ
आपको क्या करना चाहिए?
CERT-In के अनुसार, Google ने इन खामियों को दूर करते हुए Chrome के लेटेस्ट वर्ज़न में ठीक कर दिया है। इसलिए सभी यूज़र्स को सलाह दी गई है कि वे तुरंत अपने Chrome ब्राउज़र को अपडेट करें।
Chrome अपडेट करने का तरीका:
- Google Chrome खोलें
- ऊपर दाईं ओर तीन डॉट्स पर क्लिक करें
- Help (सहायता) में जाकर About Google Chrome चुनें
- यहां Chrome खुद ही नए अपडेट्स को चेक करेगा और अगर कोई अपडेट मिलेगा, तो वो अपने आप इंस्टॉल हो जाएगा।
ऐसे में अगर आप भी Chrome ब्राउज़र चला रहे है, तो बिना देर किए उसे लेटेस्ट वर्ज़न में अपडेट कर लें। यह एक छोटा-सा कदम आपके डेटा और सिस्टम को बड़े साइबर हमलों से बचा सकता है।





