नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। एकादशी जिसे विष्णु भगवान का प्रिय व्रत माना जाता है हर महीने आनेवाली एकादशी में इस महीने पड़नेवाली एकादशी बेहद खास होनेवाली है जिसे आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रखनेवाले व्रत को योगिनी एकादशी कहा जाता है इस साल यह तिथि 21 जून 2025 को पड़ रही है। जिसमें किए जानेवाले व्रत व उनके उपायों का मिलता है अनोखा लाभ जाने इस दिन किए जानेवाले उपायों के बारे में।
मान्यता अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। जो इस साल 21 जून 2025 को सुबह 7 बजकर 18 मिनट पर शुरु हो रहा है, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उनके निमित्त व्रत रखने का विधान है। इस दिन उपवास रखने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोज कराने के बराबर हमें फल प्राप्त होता है। वहीं भगवान श्री हरि के साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। ऐसे में इस दिन योगिनी एकादशी पर अश्विनी नक्षत्र और अतिगण्ड का योग बन रहा है। जिससे इस दिन किए गए पूजा से आपके जीवन में लंबे समय से अटके कार्यों को गति मिल सकती हैं। वहीं इस दिन विष्णु की चालीसा का पाठ करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें।
योगिनी एकादशी के दिन तुलसी की पूजा करना और उन्हें भोग में शामिल करना विशेष लाभकारी होता है.
योगिनी एकादशी के दिन यदि आप व्रत नहीं भी रख रहे हैं, तो भी इस दिन चावल का सेवन करने से बचें।
योगिनी एकादशी के दिन सात्विक भोजन ही ग्रहण करें
योगिनी एकादशी के दिन दान करने से पहले मन में संकल्प लें और पूरी श्रद्धा के साथ दान करें।
इस प्रकार योगिनी एकादशी पर पूजा पाठ करने से आपको करोंड़ गुना फल प्राप्त होता है साथ ही भगवान श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।




