नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल मच गई है। विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं और सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुटे हैं, मगर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के लिए राह फिलहाल आसान नहीं दिख रही। महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अब तक सहमति नहीं बन सकी है। इस राजनीतिक अस्थिरता के बीच, लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। घर से अलग किए जाने के बाद तेज प्रताप ने अपनी अलग पार्टी बना ली है। अब बीती रात उनके एक रहस्यमयी ट्वीट ने सियासी पारा और चढ़ा दिया है। राजनीतिक गलियारों में यह ट्वीट ‘चुनावी खेला’ के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने लालू और तेजस्वी यादव की चिंता बढ़ा दी है।
तेज प्रताप यादव ने किया चुनाव चिन्ह का खुलासा
बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर चौंकाने वाला कदम उठाया है। बीती रात करीब 2 बजे उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल को लेकर एक बड़ा ऐलान किया। तेज प्रताप ने एक नया पोस्टर साझा करते हुए अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह “ब्लैकबोर्ड” का खुलासा किया। अपने इस देर रात किए ट्वीट में तेज प्रताप ने संकेत दिया कि अब वे पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने जा रहे हैं। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि वही हैं जो बिहार को एक नई दिशा और असली विकास दे सकते हैं।
हम बनेंगे जनता की असली आवाज- तेज प्रताप
तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल का चुनाव चिन्ह ब्लैकबोर्ड घोषित करते हुए एक नया पोस्टर जारी किया। इस पोस्टर में नारा दिया गया है “जन जन की शक्ति, जन जन का राज, बिहार का विकास करेंगे तेज प्रताप”। तेज प्रताप यादव ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल अब जनता की असली आवाज बनेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी युवाओं, किसानों और गरीबों के अधिकारों के लिए जमीन पर संघर्ष करेगी। तेज प्रताप का यह दावा न सिर्फ राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि RJD के भीतर भी हलचल तेज हो गई है।
तेजस्वी यादव पहले से ही बिहार में विपक्ष के प्रमुख नेता के रूप में सक्रिय हैं, ऐसे में तेज प्रताप का यह कदम उन्हें सीधी राजनीतिक चुनौती देता नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सियासी टकराव अब केवल पार्टी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवार के भीतर भी तनाव को और बढ़ा सकता है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि तेज प्रताप की नई पार्टी को जनता से कितना समर्थन मिलता है और यह बिहार की चुनावी गणित को किस हद तक प्रभावित करती है।
बता दें कि तेज प्रताप को उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने पार्टी और परिवार से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी का गठन किया और अब उन्होंने महुआ सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया है। तेज प्रताप लगातार आरजेडी नेतृत्व पर निशाना साधते रहे हैं, लेकिन अब चुनाव चिन्ह और नारे के साथ उन्होंने आरजेडी को सीधी और खुली राजनीतिक चुनौती दे दी है।




