नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधा। ममता बनर्जी की इस टिप्पणी पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन NDA के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
क्या कहा ममता बनर्जी ने?
कोलकाता में मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ एक बैठक में ममता बनर्जी ने नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:”नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू वक्फ मुद्दे पर चुप क्यों हैं? वो एनडीए के सहयोगी हैं और सत्ता में बने रहने के लिए चुप हैं।”
गिरिराज सिंह का पलटवार – “बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती हैं ममता”
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पटना में ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:”ममता बनर्जी को बिहार और नीतीश कुमार पर टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है। वे अपने राज्य में मुर्शिदाबाद जैसी हिंसा को संभाल नहीं पा रही हैं। वो बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती हैं।” गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार की स्थिति बंगाल से कहीं बेहतर है और ममता को अपने राज्य की चिंता करनी चाहिए।
जेडीयू का जवाब – “नीतीश को सलाह देने की जरूरत नहीं”
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी ममता बनर्जी की टिप्पणी को गैरजरूरी बताया। उन्होंने कहा: “नीतीश कुमार को ममता बनर्जी की सलाह की कोई जरूरत नहीं है। पिछले 20 साल में बिहार में एक भी दंगा नहीं हुआ है। बिहार में शांति है, लेकिन बंगाल में हिंदू और मुसलमान दोनों असुरक्षित हैं। राजीव रंजन ने कहा कि बंगाल में गुंडे, पुलिस और टीएमसी कार्यकर्ताओं की तिकड़ी ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
वक्फ कानून को लेकर सफाई – “यह मुसलमानों के खिलाफ नहीं”
राजनीतिक दलों ने यह भी स्पष्ट किया कि वक्फ संशोधन विधेयक पारदर्शिता और लोकतंत्र को बढ़ावा देने के लिए है, न कि किसी धर्म विशेष के खिलाफ। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उन लोगों की हिमायत कर रही हैं जो वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा कर रहे हैं। इस पूरे विवाद ने बिहार-बंगाल की राजनीति में नई गरमी ला दी है। जहाँ ममता बनर्जी विपक्षी एकता की बात करती हैं, वहीं NDA नेता साफ कह रहे हैं कि नीतीश कुमार को अपने फैसलों के लिए ममता की ज़रूरत नहीं है।




