नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी प्रमुख मायावती ने ऐलान किया है कि BSP इस बार किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी और सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी।
आकाश आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी
मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को बिहार की पूरी कमान सौंप दी है। उनके साथ राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और बिहार इकाई के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। मायावती ने साफ कहा है कि सभी नेता तन, मन और धन से चुनाव में जुट जाएं।
जनसभाओं और यात्राओं का रोडमैप तैयार
अगले महीने से BSP बड़े पैमाने पर जनसभाएं और यात्राएं शुरू करने जा रही है। इन सभी कार्यक्रमों की जिम्मेदारी आकाश आनंद और राज्य स्तरीय नेतृत्व के कंधों पर होगी। पार्टी का लक्ष्य है कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए और हर वर्ग तक पार्टी का संदेश पहुंचे।
तीन जोन में बंटेगी बिहार की सीटें
चुनावी प्रबंधन को आसान बनाने के लिए बिहार की सभी विधानसभा सीटों को तीन जोन में बांटा जाएगा। हर जोन की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को दी जाएगी ताकि कार्यकर्ताओं की सक्रियता और समन्वय बेहतर हो सके। मायावती ने बताया कि बिहार ही नहीं, बल्कि उड़ीसा और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी पार्टी यूपी के पैटर्न पर संगठन को मजबूत कर रही है। जिला और बूथ स्तर तक संगठन विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
बसपा का नया सियासी प्रयोग
BSP का यह फैसला पार्टी के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। आकाश आनंद के नेतृत्व में BSP जहां युवा जोश पर भरोसा कर रही है, वहीं अकेले चुनाव लड़कर वह बिहार की राजनीति में नया प्रयोग भी कर रही है। अब देखना होगा कि यह रणनीति राज्य के जटिल समीकरणों में कितना असर डालती है।




