हिन्दी का एक 'ट्रेड-मार्क' सर्च इंजिन श्रेणी सूचना चिट्ठाकार |
| Eswami, www.hindini.com (गुरुवार, फरवरी 2, 2006) |
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कल रात को हिंदिनी का हिट-लॉग देख रहा था। उस मे ये कडी मिली। साईट जरा मद्धी है।
तो भईये किसी को हिन्दी का सर्च इंजिन बनाने की सूझी है साथ ही हग-२ जैसा इन्टीग्रेटेड टूल भी। अभी इस के टूल की हालत देख के तो मेरे को भी रोना आ गया। हग-२ को सुधारा जाएगा कोई मौज नही ले हमारी।!
अब मेरे को कोई ये समझाओ की बरहा डाईरेक्ट या आई-एम-ई और गूगल कांबिनेशन के चलते इसकी पिराईवेट लिमिटेड दुकान का क्या होगा? कौन जायेगा सर्च करने http://raftaar.in पे?
डिसकरेज करने का मूड नही है, एक तरीके से तो खुश हूं की जनता लगी हुई है लेकिन मेरे को कोई बताओ यार इस तरह की कोशिश का व्यवसायिक भविष्य क्या है?
5 टिप्पणियाँ - टिप्पणी द्वारा आशीष — 2/3/2006 @ 4:30 am प्रयास अच्छा है। क्या पता ये कल हिन्दी के लिये गूगल बन जाये
टिप्पणी द्वारा अनुनाद — 2/5/2006 @ 5:46 am रफ़्तार में एक खूबी है जो दूसरों मे नही है, वह है इसमे गैर-यूनिकोड-हिन्दी को भी खोजने की क्षमता| और रही बात रफ़्तार (स्पीड) की, तो इतनी कम भी नही है कि झुझलाहट हो|
आनुनाद
टिप्पणी द्वारा Sumer — 2/18/2006 @ 5:53am
प्रयास अच्छा है, कुछ न कुछ तो हो रहा है।
टिप्पणी द्वारा Ravi Kamdar — 2/20/2006 @ 7:13 am
भाई हम तो आईडिया पर कबसे काम करने भी लगे है, लेकिन हम गुजराती मे सर्च एन्जीन बना रहे है अलेक्सा और गूगल की api लेकर| साथ मै हिन्दी भी ट्राय करेंगे| वेसे तो इसका व्यावसायिक भविष्य अच्छा है लेकिन गूगल कभी भी इसे बन्ध करवा सकता है अगर हमारे साइट से automated query ज्यादा जाये तो| और जब यह बडे प्लेयर मैदान मे आये तब हमे निकलना पडेगा| पैसे कमा सकते है लेकिन हिन्दी मे या गुजराती मे सर्च करने वाले कितने?? और वो बहुत छोटी संख्या होगी| इसिलिये बहुत मुनाफा नहि है कि दूसरा काम छोड कर यह धंधा करे| खेर मै तो छात्र हु इसिलिये लगा हु| देखते हे क्या होता है!!
टिप्पणी द्वारा मनीश मेहरा — 2/25/2006 @ 12:47 am
नमस्कार,
आपकी वेबसाईट रफ़्तार.कोम से ज्ञात हुई| इस सर्च इनजन के बारे मे भास्कर अखबार से पता चला और फलस्वरूप पहली बार हिन्दी मे "नेट पर खोज" करी, और पहली ही बार हिन्दी मे पत्र लिखा है| अगर रफ़्तार को गूग्ल की तरह विज्ञापन मिल जाये तो ये भी व्यावयिक सफल हो सकता है|
धन्यवाद्|
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