मुख्य पृष्ठ
रफ़्तार को मिला 'मंथन अवार्ड'
शनिवार, सितंबर 22, 2007

इंटरनेट की दुनिया में हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए ऑटोमैटेड हिंदी पोर्टल रफ़्तार डॉट कॉम को डिजीटल इम्पावरमेंट फाउंडेशन ने मंथन अवार्ड से सम्मानित किया। दिल्ली स्थित इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित पुरस्कार समारोह में रफ़्तार डॉट कॉम के निदेशक पीयूष वाजपेयी ने नागालैंड विश्वविद्यालय के कुलपति के कानन से बतौर पुरस्कार शील्ड और प्रमाण पत्र ग्रहण किया। रफ़्तार को यह अवार्ड ई–लोकेलाइजेशन की श्रेणी में दिया गया। इस श्रेणी में रफ़्तार के अलावा दो अन्य पूजा डॉट कॉम और एचपी लैब्स इंडिया के लिपि टूलकिट को भी सम्मानित किया गया। वहीं पिछले वष॔ इस श्रेणी में कन्नड़ लोगो (कर्नाटक), अजागी (तमिलनाडु) और मल्टीलिंगुअल सॉफ्टवेयर (तमिलनाडु) को सम्मानित किया गया था।

इन सभी श्रेणियों के लिए कुल 353 नामांकन दर्ज हुए थे और इनमें से 39 को मंथन अवार्ड से सम्मानित किया गया। रफ़्तार को पुरस्कृत करते हुए फाउंडेशन ने विशोष तौर पर रेखांकित किया, ’’देश में अच्छे सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौजूद हैं, उन्होंने दुनिया भर में अपनी एक पहचान कायम की है। लेकिन अभी तक अपनी ही भाषा ‘हिन्दी’ पर विशोष काम नहीं किया गया था। रफ़्तार ने इसी गैप को भरने का प्रयास किया है, यही उनकी ताकत है। यही नहीं, वे जानते थे कि आम हिन्दीभाषी अंग्रेज़ी की ठीक–ठाक समझ नहीं रखते हैं जिससे इंटरनेट की दुनिया से वे अछूते हो जाते हैं। इसी समझ के साथ रफ़्तार ने काम किया और अब हमारे सामने एक यूजर्सफ्रेंडली ऑटोमैटेड हिंदी पोर्टल ‘‘रफ़्तार डॉट कॉम’’ मौजूद है। यह सूखद है कि इसने लक्षित समूह की जरूरत को ध्यान में रखकर ऑटोमैटेड हिंदी पोर्टल को विकसित किया, क्योंकि वे समझते थे कि हिन्दीभाषी यूजर्स की जरूरत अंग्रेज़ी यूजर्स से बिल्कुल भिन्न है। यह रफ़्तार की क्षमता का ही परिचय है कि इसने फोंट और हिन्दी शब्दों की समस्या को दूर करने का काम किया। रफ़्तार को सम्मानित करते हुए फाउंडेशन यह महसूस करता है कि इसने हिन्दीभाषी लोगों को अपनी भाषा में इंटरनेट इस्तेमाल करने की ताकत दी है।

"इस अवार्ड से सम्मानित होने वाले अन्य प्रमुख संस्थानों में एचपी लैब, मीडिया लैब एशिया, एनआईसी, इंडिया पोस्ट आदि शामिल हैं।

पुरस्कार वितरण के अवसर पर एक सेमिनार का भी आयोजन किया गया। जिसे राष्ट्रीय ज्ञान आयोग के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने इलेक्ट्रोनिक तरीके से संबोधित किया। इस अवसर पर रफ़्तार के निदेशक पीयूष वाजपेयी ने कहा कि मैं रफ़्तार डॉट कॉम की ओर से फाउंडेशन और ज्यूरी के सदस्यों को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने हमारी इस मेहनत को सराहा और प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि रफतार दुनिया का प्रथम सम्पूर्ण ऑटोमैटेड हिंदी पोर्टल है और यह हिन्दी इंटरनेट को आम आदमी से जोड़ने में कार्यरत है। रफ़्तार डॉट कॉम ने आम भारतीय के लिए इंटरनेट पर हिन्दी में किसी सामग्री को खोजने व पढ़ने में आसान कर दिया है। इसके पीछे रफ़्तार में काम कर रहे लोग हैं जिन्होंने हिन्दी को इंटरनेट पर एक नई पहचान देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फाउंडेशन के संरक्षकों मे प्रो पीटर ए ब्रुक (वर्ल्ड समिट अवार्ड) प्रो बिबेक देवरॉय (सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च), प्रो अनिल गुप्ता (आईआईएम अहमदाबाद), आर चंद्रशोखर (अतिरिक्त सचिव, सूचना प्रसारण मंत्रालय) और प्रोफेसर अशोक झुनझुनवाला (आईआईटी मद्रास) शामिल हैं। मंथन अवार्ड का आयोजन टीसीएस, इंटेल, यूएनडीपी, एक्सचेंज 4 मीडिया, नासकॉम फाउंडेशन, सूचना तकनीक विभाग(भारत सरकार) सहित कई अन्य नामी गिरामी कंपनियों की मदद से किया गया था। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों और पुरस्कृत संस्थानों के प्रमुखों का स्वागत फाउंडेशन के संस्थापक व निदेशक ओसामा मंजर ने किया।

http://www.manthanaward.org